Ishq

Khwaab Dekha Keejiye

फूलों से मिलिये
चाँद से बातें कीजिए
हक़ीक़त में सुंदर होते हैं
ख़्वाब देखा कीजिए

Khoobsurati Ki Intehaa

वो गहरी ज़ुल्फ़ों के छल्लों का उसके रुख़सार से खेलना
जन्नत की ख़ूबसूरती की इंतहा, इस मंज़र का क़तरा भर है

Ye Haqiqat

मेरी हक़ीक़त में तू भले ही फ़क़त एक ख़्वाब है
मगर यक़ीन जान, मै ये वक़्त बदलना ही नहीं चाहता

Ishq

धूप जलती तो हैं,
पर धुआँ नहीं होता
इश्क़ याद आ गया,
जैसे ही ये सोचा

Mai Ashq HooN

उभरना मजबूरी हैछलकने से डरता हूँमै अश्क़ हूँ और मैज़ाहिर होने से डरता हूँ

Jo Hum MeiN Tum MeiN

तुम्हें भुलाने की हुई हमसे कोई भी दुआ नहींकोशिश नहीं की, कभी मुनासिब लगा नहींमै पूरी सच्चाई से निभा रहा हूँ उस करार कोए जान-ए-दिल जो हम में तुम में हुआ ही नहीं