Musafir

Tum Faqat Koi Pari NahiN Ho

तुम हो हसीं तो हम हैं दीवाने
ये किसका क़ुसूर है
तुम फ़क़त कोई परी नहीं हो
कुछ ख़ास तो ज़रूर है

Ye jo kuchh log

ये जो कुछ लोग जाने अनजाने गुज़र गये हैंइनके साथ ज़माने के ज़माने गुज़र गये हैं Yeh jo kuchh log, jaane anjaane guzar gaye haiNInke saath zamaane ke zamaane guzar gaye haiN