Dard

Yaa Kinara KareiN

तुम्हें किस तरहा से पुकारा करें
कोई नाम लें या इशारा करें
तुम्हारी आँखों से जो रिश्ते हो चले हैं
डूब के जाँ बचाएँ, या किनारा करें

रस्म

बाक़ायदा मेरे ग़मों की
हर शाम बज़्म होती है
जिसमें तेरी यादें दोहराना
एक लाज़मी सी रस्म होती है

Teri Aarzoo

तेरी आरज़ू, तेरी चाह मेंभटकी ना मै, किस राह मेंइतने में मिल जाता ख़ुदातुम यक़ीं करो के नहीं करो

Mai Ashq HooN

उभरना मजबूरी हैछलकने से डरता हूँमै अश्क़ हूँ और मैज़ाहिर होने से डरता हूँ

Jo Hum MeiN Tum MeiN

तुम्हें भुलाने की हुई हमसे कोई भी दुआ नहींकोशिश नहीं की, कभी मुनासिब लगा नहींमै पूरी सच्चाई से निभा रहा हूँ उस करार कोए जान-ए-दिल जो हम में तुम में हुआ ही नहीं