hindi poetry

Teri AankhoN ke Kinaare

Teri aankhoN ke kinaare
Apne sapnoN ki kashti chhod aaya hooN
Toone dil se beghar kiyaa
Mai apni basaayi basti chhod aaya hooN

Jazbaat

जज़्बात ख़ामोशियों की हदें तोड़ कर आगे बढ़े जिनके थे पर, वो बैठे रहे जिनके न थे बस वो उड़े

लेकिन नहीं मुमकिन दूसरा अमिताभ हो जाए

ये मुमकिन है कोई ज़र्रा आफ़ताब हो जाए लेकिन नहीं मुमकिन दूसरा अमिताभ हो जाए जिसकी शख़्सियत के रुतबे फैले हैं कहकशाँ से भी आगे जिसकी आवाज़ में ज़िंदादिली है जो पहुँचती है आसमान से भी आगे भले दुनिया में… Read More ›