Short Poetry

AankheiN Sunaa Dee

दिल की जो भी हसरत थी
गुनगुना दी हमने
लबों को वो ना समझे
आँखें सुना दी हम ने

YouN teraa intzaar kiyaa

गुज़रे पुराने लमहे चुनेयादों को चमकदार कियाएक उम्र गुज़ारी है ऐसेयूँ तेरा इंतज़ार किया Guzare puraane lamhe chune YaadoN ko chamakdaar kiyaaEk umra guzaari hai aise YouN tera intzaar kiyaa

Na neend lauti

आँखों में नींद का बुलबुला सा था
ज़रा आँख खुली तो कहीं उड़ गया
उसके जाते ही याद का क़ाफ़िला आया
फिर ना नींद लौटी मेरी ना तेरी याद गई

Ye jo kuchh log

ये जो कुछ लोग जाने अनजाने गुज़र गये हैंइनके साथ ज़माने के ज़माने गुज़र गये हैं Yeh jo kuchh log, jaane anjaane guzar gaye haiNInke saath zamaane ke zamaane guzar gaye haiN