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  • Tujh Dariya MeiN Utar Gaye
    देखे तुम्हारे जलवे अपनी हस्ती से मुकर गए हम समंदर थे मगर तुझ दरिया में उतर गए
  • Qaabil-e-Dushmani
    लोग ऐसे हैं के कोई हमनशीं नहीं होता आदमी की शक्ल में भी कोई आदमी नहीं होता लौटा दिया जो आए थे दरखास्त लेकर अब हर कोई तो काबिल-ए-दुश्मनी नहीं होता
  • चाँद की बातें
    कभी चाँद की बातें होतीं हैं कभी ज़िकर तुम्हारा होता है यूँ ही तनहाई के अंधेरों में गुज़र हमारा होता
  • Dhoop Ki RaunakeiN
    उठ चुकीं हैं देख लो, धूप की रौनक़ें पहले ही बची हुई रौशनी में, एक शाम कहो तो बना दूँ
  • Yeh ZulfoN Ki Badlee
    सुबहा की फ़िज़ा में नशा घोलती हो ये ज़ुल्फ़ों की बदली जो तुम खोलती हो
  • Buri Baat Hai
    सदाक़त में भी ज़िंदा हो, बड़ी बात है यहाँ तो अच्छा होना ही बुरी बात है
  • Woh AankheiN
    वो आँखें भुला दें कैसे कहो किसी भी ग़ज़ल में उतरती नहीं जो उठते हैं पलकों के परदे ज़रा निशाने से पहले ठहरतीं नहीं
  • Khwaab Dekha Keejiye
    फूलों से मिलिये चाँद से बातें कीजिए हक़ीक़त में सुंदर होते हैं ख़्वाब देखा कीजिए
  • Khoobsurati Ki Intehaa
    वो गहरी ज़ुल्फ़ों के छल्लों का उसके रुख़सार से खेलना जन्नत की ख़ूबसूरती की इंतहा, इस मंज़र का क़तरा भर है
  • Tere Andaaz
    मेरे अल्फ़ाज़ में तेरे अन्दाज़ गर शामिल ना होते मुझे ख़यालों के ये सब अहसास हासिल ना होते

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